352>||- अहंकार || D10 (1+2)--------------
>|| अहंकार || (१म-भाग )
<--©➽-आद्यनाथ->
अक्सर अहंकार मनुष्य को शक्ति और हिम्मत देता है,
और मनुष्य के अंदर वीरता की भावना जागृत करता है।
जिसके बल पर वह दृढ़ता से चुनौतियों का सामना कर सकता है।
बुद्धिमान , व्यापारी सेवक या नेता के लिए अहंकार हमेशा नाकारात्मक रूप में होता है,
और राह में रुकावटें पैदा करता है,
लेकिन एक योद्धा या प्रतियोगी के लिए अहंकार बहुत आवश्यक होता है।
अहंकार ही मनुष्य के पतन का मूल कारण है।
अहंकार न हो तो मनुष्य परमात्मा तक भी पहुंच सकता हैं।
अहंकार रहित होकर ही मनुष्य ईश्वर के दिव्य दर्शन कर सकता है।
अहंकार हर प्रकार के ऐश्वर्य को नष्ट कर देता है,
अहंकार से देवता भी दानव बन जाते है।
अहंकार रहित मनुष्य देवता बन जाता है,
हर पराजय का मूल कारण अहंकार ही होता है।
कदाचित अहंकारी मनुष्य कुछ भी प्राप्त कर लेता है,
लेकिन वह सुख, शांति, और प्रेम से हमेशा वंचित रहता है।
<--©--➽-ए एन राय चौधुरी-->
24/01/2021
==========================
|| अहंकार || (२य भाग )
<--©➽-आद्यनाथ->
बिद्या,बुद्धि और प्यार,
जिनको हैं इस तीनो हथियार,
उनको मिलते हैं श्रेष्ठ सम्मान,
और समाजमे ऊंचा आसन बराबर।
किन्तु हिंसा, क्रोध और अहंकार,
मनुष्यको करते हैं सर्बनाश हर बार।
अक्सर हम सोचते हैं
अहंकार स्वार्थी होता है,
किन्तु अहंकार जब दृढ़ होता हैं
तब वह दृढ़ अहंकार,
डिप्रेशन का खत्म कर देता है।
और वह एक अहंकार ही है जो हमे रचनात्मकता और उदारता के लिए प्रेरित करता है।
इस प्रकार अहंकार के हैं तीन प्रकार,
तामसिक,राजसिक,सात्विक।
1> *तामसिक अहंकार*-
यह क्रूर और अँधा होता है।
यह सदा स्वयं को ही हानि पहुंचाता है।
2> *राजसिक अहंकार* -
यह सर्बदा स्वार्थी होता है।
यह खुद को तो कष्ट देता ही हैं,
और दूसरों को भी कष्ट देता है
3> *सात्विक अहंकार* -
यह भी एक प्रकार का अहंकार ही है
किन्तु यह रचनात्मक होता है,
रक्षा करना इस अहंकार का लक्षण है।
सात्विक अहंकार में मनुष्य,
खुद का ही त्याग कर देता है।
यह त्याग आत्मत्याग की श्रेणी में आता है,
और महान कहलाता है।
सम्पूर्ण निष्ठा जब मनुष्य के हृदयमे असीम जोश, उत्साह, भरोसा और चुनौती भरदेती हैं,
तब अहंकार हृदयसे सतःही दूर होजाता हैं।
और अहंकारके लिए कोई स्थान नहीं रहता हैं।
अतः निष्ठा,सम्पूर्ण निष्ठा ही सर्ब श्रेष्ठ होते हैं।
<--©--➽-ए एन राय चौधुरी-->
24/01/2021
==========================
=
Comments
Post a Comment